हर बातचीत सवाल से शुरू नहीं होती। साथ रंग भरते समय वह सहज रूप से आ सकती है, या बस शांति रह सकती है।

विशेष चित्रकारी कौशल की जरूरत नहीं है; वयस्क निर्देश देने के बजाय साथ बैठ सकते हैं। इससे माहौल अक्सर अधिक आरामदायक होता है।
‘तुम्हारी तस्वीर में क्या हो रहा है?’ जैसे खुले सवाल कल्पना को बिना परखे आमंत्रित करते हैं। चुप्पी भी ठीक है।
अलग पन्ने और साझा रंगों का डिब्बा अपनी पसंद के लिए जगह देते हैं और मेज साझा रखने में मदद करते हैं।